09 नवंबर 2010

बेटियाँ

मेरी बड़ी बेटी दिल की मरीज़ थी दो वर्ष भी नहीं जी पायी. उसके बाद गुड्डा पैदा हुआ था, फ़िर पिंकी इलाहाबाद के कमला नेहरू अस्पताल में. तुम्हारे मित्र कश्यप भार्गव की बहन डाक्टर थी और वहां रेज़ीडेंसी कर रही थी और उसकी सारी सहेलियाँ भी इकट्ठी थीं. उसने सबको कहा कि मेरी भाभी हैं यह. सो सब बीच में आ कर मेरे पास बैठ जातीं. उन्हीं मे से एक डाक्टर दयाल थी जिसकी दो लड़कियाँ थीं और उसकी सास उसे बहुत तंग करती थी. उसने तय किया कि अब बच्चा पैदा ही नहीं करेगी. जब पिंकी हुई तो डाक्टर दयाल ही ड्यूटी पर थी. सो लड़की होने पर पिंकी की दादी को कहने लगी कि लीजिये लड़की हुई है. माता जी बहुत खुश हुईं, बोली मेरी पहली पोती वापस आ गयी है. डाक्टर दयाल ने कहा कि माता जी आप पोती पा कर इतनी खुश हो रहीं हैं और मेरी सास होती तो न जाने क्या क्या बोल देती. तब तुम हैदराबाद में थे. माता जी ने अपने भाई के बेटे कृष्णा को कहा कि जा कर सबके लिए मिठाई ले आओ, और सबको ढेर मिठाई बाटीं. बाद में जितनी बार डाक्टर दयाल और सुनीति भार्गव घर आतीं, माता जी उन्हें खाना खिला कर ही भेजती थीं. उनका कहना था कि बिना लक्ष्मी के घर कैसा, कि उन्होंने बहुत मन्नते मांग कर इस बेटी को पाया था. डाक्टर का लटका मुँह देख कर माता जी पहले तो डर गयीं थीं, लेकिन फ़िर उन्हे पता चला कि डाक्टर यह बताने से डर रही थी कि लड़की हुई सुन कर माता जी न जाने क्या उल्टा सीधा बोलें. इसकी दादी ने तभी भविष्यवाणी कर दी थी कि मेरी पोती भी डाक्टर बनेगी आप की तरह, इसका भविष्य बड़ा उज्जवल है, बड़ा नाम होगा इसका. आज अचानक माता जी यह भविष्यवाणी याद आ गयी.

माता जी की एक और बात याद आयी, विनी के जन्म की. रात को डा. सरला की ड्यूटी थी, सुबह छः बजे से डा संतोष की. उनका घर अस्पताल में ही था, सो सरला चली गयी कि नहा कर आती हूँ. विन्नी तभी पैदा हुई. नर्स को संभालने के लिए कह कर बाहर सूचना दी गयी कि आप की पोती हुई है. माता जी से पूछा कि क्या पहले पोती है, माता जी ने कहा कि हाँ एक है, तो बोली अब दो हो गयीं. वह माता जी को अन्दर ले आ कर आयीं और कहा कि विनी को इनकी गोद में डाल दो. माता जी ने कहा कि सूर्यवंशी बालिका हुई है मेरे परिवार में, इसके पापा को भेज दो कि मिठाई का डिब्बा ले कर आयें, और दोनो डाक्टरों को दी. डा. संतोष सकपका गयी कि लड़की होने पर इसकी दादी इतनी खुश है, कितनी अच्छी सास पायी है आप ने. मैंने कहा कि उन्होंने कभी अंतर नहीं किया लड़के लड़की में. शायद यही भविष्यवाणी दोनो बेटियों को उन्होंने आशीर्वाद में दी है.

कमला की डायरी से, 1 जनवरी 2000 अमरीका